छत्तीसगढ़ : श्रवण बाधितों लिए खुलेगा विशेष कॉलेज

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रस्ताव पर राज्य में श्रवण बाधित युवाओं के लिए अगले शिक्षा सत्र से विशेष कॉलेज खोलने की स्वीकृति दे दी है।

गहलोत ने यहां गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ उनके निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में समाज कल्याण तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतिकरण देखा और इन योजनाओं में केंद्र की ओर से राज्य को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

गहलोत ने कहा है कि श्रवण बाधित युवाओं के विशेष कॉलेज भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये की एक मुश्त सहायता और कॉलेज संचालन के लिए दो वर्ष तक डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये की मदद केंद्र की ओर से दी जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से राज्य के युवाओं को स्व:रोजगार प्रशिक्षण देने के लिए संचालित आजीविका कॉलेज यलाइवलीहुड कॉलेज की योजना की तारीफ की और मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर इन कॉलेजों में नि:शक्त युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए अपने मंत्रालय की ओर से आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया।

गहलोत ने इस बात पर भी खुशी जताई कि नि:शक्तजनों के लिए देश भर में तीन प्रतिशत आरक्षण की तुलना में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने राज्य में छह प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है।

बैठक में समाज कल्याण विभाग के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद केंद्रीय मंत्री ने राज्य में नेत्रहीनों के लिए अत्याधुनिक ब्रेल-लिपि प्रेस स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये तत्काल मंजूर कर दिए।

गहलोत ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर राजनांदगांव में नि:शक्तजनों के लिए क्षेत्रीय पुनर्वास केंद्र स्थापना की भी स्वीकृति दी। यह केंद्र इसी माह शुरू किया जाएगा। इसमें नि:शक्तजनों के शिक्षण, प्रशिक्षण, व्यावसायिक मार्गदर्शन, परार्मश अनुसंधान और पुनर्वास सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, राज्य के सभी 27 जिलों में जनवरी के अंतिम सप्ताह से 15 फरवरी तक नि:शक्तजनों को सहायक उपकरण देने के लिए और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

गहलोत ने बधिर बच्चों के कॉकलियर इमप्लांट के लिए इस वर्ष पचास बच्चों के मान से तीन करोड़ रुपये की मदद करने का आश्वासन भी दिया।

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